जयशंकर बोले– जब दुनिया फंसती है, भरोसा भारत पर ही करती है

शालिनी तिवारी
शालिनी तिवारी

इस समय दुनिया के लगभग सभी महाशक्ति देश किसी न किसी युद्ध, टकराव या आंतरिक संकट से जूझ रहे हैं।
अमेरिका, ईरान, चीन-ताइवान, अफगानिस्तान से लेकर लैटिन अमेरिका तक हालात अस्थिर बने हुए हैं। ऐसे माहौल में भारत की भूमिका को लेकर विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर का बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है।

जब ग्लोबल सिस्टम हैंग हो जाए, तब “India Support” सबसे पहले खुलता है।

जयशंकर का बड़ा बयान: दुनिया का भरोसा भारत पर

लक्ज़मबर्ग दौरे पर पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, “जब देशों के सामने बड़ी समस्याएं आती हैं और उनसे निपटने की क्षमता नहीं होती, तो वे स्वाभाविक रूप से उन देशों की ओर रुख करते हैं जो सक्षम होते हैं।”

उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भारत के प्रति भरोसा हमारे क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा है, और संकट के समय भारत को एक भरोसेमंद पार्टनर के रूप में देखा जा रहा है।

कोविड वैक्सीन डिप्लोमेसी का जिक्र

जयशंकर ने यह भी स्पष्ट किया कि दुनिया का यह भरोसा रातों-रात पैदा नहीं हुआ, बल्कि इसके पीछे वर्षों का अनुभव है।

उन्होंने कहा, “कोविड महामारी के दौरान हमारे लगभग सभी पड़ोसी देशों को पहला वैक्सीन भारत से ही मिला।”

यही वजह है कि आज भारत को केवल एक उभरती शक्ति नहीं, बल्कि Responsible Global Player के तौर पर देखा जाता है।

जब दुनिया मास्क ढूंढ रही थी, भारत वैक्सीन पैक कर रहा था।

वेनेजुएला पर चिंता, संवाद की अपील

विदेश मंत्री ने वेनेजुएला संकट पर भी अपनी चिंता जाहिर की। जयशंकर ने कहा कि भारत वहां की स्थिति को लेकर चिंतित है और सभी पक्षों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील करता है।

यह बयान भारत की उस विदेश नीति को दिखाता है, जो टकराव नहीं, संवाद और संतुलन, लोकतांत्रिक समाधान पर जोर देती है।

भारत की नई Global Image

जयशंकर का बयान साफ संकेत देता है कि — भारत अब केवल “Non-Aligned” नहीं। बल्कि “Reliability-Aligned” बन चुका है। संकट में मदद, समाधान में संतुलन और नीति में स्थिरता।

दुनिया लड़ रही है, भारत बात करवा रहा है।

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